मोक्ष प्राप्त
मुक्ति पाना आसान है या मुश्किल मुक्ति पाना आसान है लेकिन हमारे सभी धर्मगुरुओं ने जनता को मनमानी साधना तथा शास्त्र विरुद्ध साधना करवाने के कारण मुक्ति को पाना मुश्किल बना दिया। इसलिए जनता नास्तिकता की ओर बढ़ती जा रही हैं। और कहीं मनुष्य अंधश्रद्धा भक्ति की ओर किसी भी प्रभु में आस्था करके उसे प्राप्ति की तड़फ में पूजा में लीन हो जाना। फिर अपनी साधना से हटकर शास्त्रा प्रमाणित भक्ति को भी स्वीकार न करना। दूसरे शब्दों में प्रभु भक्ति में अंधविश्वास को ही आधार मानना। जो ज्ञान शास्त्रों के अनुसार नहीं होता, उसको सुन-सुनाकर उसी के आधार से साधना करते रहना। वह साधना जो शास्त्रों के विपरीत है, बहुत हानिकारक है। अनमोल मानव जीवन नष्ट हो जाता है। जो साधना शास्त्रों में प्रमाणित नहीं है, उसे करना तो ऐसा है जैसे आत्महत्या कर ली हो। आत्म हत्या करना महापाप है। इसमें अनमोल मानव जीवन नष्ट हो जाता है। इसी प्रकार शास्त्राविधि को त्यागकर मनमाना आचरण करना यानि अज्ञान अंधकार के कारण अंध श्रद्धा के आधार से भक्ति करने वाले का अनमोल मानव (स्त्रा-पुरूष का) जीवन नष्ट हो जाता है क्योंकि पवित्रा श्रीमद्भग...